Google+ Badge

Google+ Badge

Google+ Badge

बुधवार, 27 दिसंबर 2017

जमींदार के साथ साथ उत्पादक भी बनो

जमीन है तो जमींदार हो,नंबरदार हो, चौधरी हो, प्रधान हो,मुकददम हो,गुर्जर हो ।अगर जमीन गयी तो सडक पर आ जाओगे क्योंकि सदियो की झंझावतो में हम अपनी संस्कृति व जमीन ही बचा पाये । जमीन का बचना बेहद जरूरी है। हम किसान हैं , जमींदार हैं तो जमीन खरीदो , ज्यादा से ज्यादा जमीन बढाओ। दिल्ली व एनसीआर के गुर्जरो को खासकर सलाह है कि दूसरे दूर दराज के राज्यो में ज़मीनें खरीदो । मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ,झारखंड , महाराष्ट्र,उत्तराखंड , हिमाचल,गुजरात हर राज्य में जमीन खरीदो। फिर उस जमीन पर पेशेवर खेती करो , सेब के बागान,अंगूरो के बागान ताकि वाइन का बिजनेस कर सको , पोलीग्रीन खेती करो ,ड्रिप सिस्टम फार्मिंग करो , डेयरी फार्म खोलो ,दूध का बडा बिजनेस करो ,केवल दूध का ही नहीं बल्कि पनीर, आइसक्रीम ,मक्खन हर तरह का दूध का उत्पाद खुद बनाओ क्यों दूसरो को मुनाफा कमवा रहे हो। आम के बगीचे लगा लो ,घर बैठे लाभ लो व जमींदार बने रहो ,एक्सप्लोर करो व बिजनेस करो, पेशेवर बनो , जमींदार बनो व साथ ही उत्पादक भी।
मानो बात को अपने इस पैसे को फिजूलखर्ची के बजाय दूसरे राज्यो में जाकर नाम कमाओ ताकि गूजरान का नाम गूंजे। सैकडो बीघे खेत खरीदकर उस पर पेशेवर खेती करो । लोग जानें कि हाँ भाई गूजरन का जमींदारा है ये । एजेंसी लो ,हर तरह का पेशा आधुनिक नजरिये से अपनाओ

source facebook.com/gcs.du

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें