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शनिवार, 10 मार्च 2018

कांग्रेस नेता दिलीप गुर्जर ने दी नेताओं को नसीहत और जनता से की अपील

सम्मानित गणमान्य नागरिक बन्धुओं,
सादर प्रणाम,
हम (मैं दिलीप गुर्जर व मेरे सभी ईष्टमित्रगण) आम कांग्रेसी कार्यकर्ता होने के नाते टिकिट के उन्ही दावेदारों की हाईकमान से पैरवी करेंगे जो भगवान चारभुजा नाथ के मंदिर में गंगाजली उठाकर अपने बच्चों के सिर पर हाथ रख कर कसम खाकर निम्नलिखित शपथ लेगा कि-
1.मैं विधायक बनने के बाद एक रुपये का भी भ्रष्टाचार नही करूँगा और ना किसी को करने दूंगा।

2.मैं किसी भी नेता की जेब में नही रहूंगा और ना ही किसी के रिमोट पर चलूँगा यानि कि किसी की कठपुतली नही बनूँगा।

3.मैं अपने विधायक फंड को बाँटने के लिये 10% या 15%  कमीशन नही लूंगा।बल्कि अपना सारा फंड सबकी राय मशविरा से बाटूँगा।

4.मैं किसी भी अधिकारी या कर्मचारी से मन्थली या हफ्ता वसूली नही करूँगा और ना किसी को करने दूंगा।

5.ज़मीन अलॉटमेंट (भू-आवंटन) करने के लिये मैं एक रुपया भी नही खाऊंगा और ना किसी दूसरे को एक रुपया भी खाने दूंगा।यानी कि पैसा खाकर भू-आवंटन ना तो करूँगा और ना करने दूँगा।

6.ट्रांसफर की दुकान नही खोलूंगा।किसी भी ट्रांसफर में एक रुपया भी नही खाऊंगा और ना किसी को खाने दूंगा।

7.समर्पित एवं निष्ठावान कार्यकर्ताओं की उपेक्षा (अनदेखी) नही करूँगा।
किसी भी कार्यकर्ता के साथ पक्षपात नही करूँगा।सभी को बराबर का मान सम्मान दूंगा एवं सभी को साथ लेकर चलूँगा।

8.अपने राज धर्म का पूरा पालन करूँगा।किसी भी नागरिक के साथ पक्षपात नही करूँगा।

9.  36 कौम को साथ लेकर चलूँगा।सभी जातियों और धर्मों का बराबर सम्मान करूँगा।तुच्छ या ओच्छी मानसिकता से काम नही करूँगा।
“तिलक-तराज़ू और तलवार इनके जूते मारों चार” वाली सोच कभी नही रखूँगा।

10.किसी से झूठे वादे नही करूँगा।किसी को मीठी गोलियां नही दूंगा यानि किसी को भी बेवकूफ नही बनाऊंगा एवं झूठ-जाल-पाखण्ड नही करूँगा।
जो भी वादे करूँगा उनको निभाने की पूरी कोशिश करूँगा।

11.मेरा चुनाव लड़ने का असली उद्देश्य सिर्फ जनसेवा की भावना ही है।इंसानियत को अपना धर्म समझकर निष्पक्ष होकर “सबका साथ,सबका विकास और सबका भला” वाली सोच के साथ काम करूँगा।

12.मैं या मेरे परिवार का कोई भी सदस्य या कोई भी मित्रगण मेरे पुरे कार्यकाल में एक रुपये का भी भ्रष्टाचार नही करेंगे।

13.कार्यकर्ताओं के मान-सम्मान में कोई कमी नही आने दूंगा।सबको साथ लेकर चलूँगा।सभी की भावनाओं का बराबर सम्मान करूँगा।

14.सारे कार्य कार्यकर्ताओं से राय मशविरा करने के बाद करूँगा।अपनी मनमानी नही करूँगा और ना ही किसी दूसरे को मनमानी करने दूंगा।

15.एक विधायक कार्यालय खोलूंगा जिसमें कार्यकर्ताओं एवम् आम नागरिकों की समस्याओं के निराकरण हेतु एक कर्मचारी हमेशा तैनात रखूंगा।

👉विधायक कार्यालय खोलूँगा, विधायक की दुकान नही।
16.पंचायतराज और निकाय चुनाव में समर्पित एवं निष्ठावान कार्यकर्ताओं को टिकिट दिलाने का प्रयास करूँगा।पैसे लेकर या मनमानी से या पक्षपात से टिकिट नही बाटूँगा।

17.पार्टी के विरुद्ध क्रोश वोटिंग करने के लिये किसी भी जनप्रतिनिधि पर दबाव नही बनाऊंगा और ना ही पार्टी के जनप्रतिनिधि से विपक्षी पार्टी को वोट दिलवाऊँगा।ऐसा पाप कभी नही करूँगा।

18.सभी कार्यकर्ताओं से नियमित रूप से सम्पर्क में रहूंगा।उनसे दुरी नही बनाऊंगा।हर कार्यकर्ता के सुख दुःख में उनके साथ खड़ा रहूंगा और उनकी मदद करूँगा।
गाड़ी के काले कांच चढ़ाकर कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज करने का दुस्साहस कभी नही करूँगा।

19.अपने पावर का दुरूपयोग (मिसयूज) नही करूँगा।
रंजिशवश या द्वेष भावना से किसी भी कार्यकर्ता या आम नागरिक पर झूठा मुकदमा दर्ज नही करवाऊंगा।किसी का भी बुरा करने की भावना कभी नही रखूँगा।

20.विपक्षी दलों से साठ-गांठ करके गलत कार्य नही करूँगा।

21.पार्टी को कमजोर करने वाले, भीतरघात करने वाले, पार्टी से निष्काषित एवं पार्टी विरोधी कार्य करने वाले लोगों का किसी भी मंच से महिमा मण्डन (गुणगान) नही करूँगा।ऐसे पापीयों को आस पास भी नही भटकने दूँगा।

22.पार्टी (संगठन) की प्रत्येक गतिविधि में तन-मन-धन से पूरा सहयोग करूँगा तथा
संगठन के कार्यक्रमों में बेशर्म की तरह अकेला अपना मुंह उठाकर नही आऊंगा बल्कि ज्यादा से ज्यादा कार्यकर्ताओं को साथ लेकर आऊंगा।
तथा संगठन के कार्यक्रमों में जाने के लिए कार्यकर्ताओं को कभी नही रोकूँगा।गुटबाज़ी ख़त्म करने का पूरा प्रयास करूँगा।

23.अपने पूरे कार्यकाल के दौरान किसी भी कार्यक्रम या समारोह या उदघाटन समारोह या जयपुर-दिल्ली कही पर भी जाऊंगा तो केवल एक व्यक्ति को लेकर ही नही जाऊंगा बल्कि बारी-बारी से सभी वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को साथ लेकर जाऊंगा।इसप्रकार सभी कार्यकर्ताओं को उचित मान-सम्मान देने का पूरा प्रयास करूँगा।

24.सत्ता और संगठन में एक-तंत्र नही बल्कि लोकतंत्र कायम रखने का भरकस प्रयास करूंगा।
सभी कार्यकर्ताओं को बराबर का मान-सम्मान दूंगा।

25.पॉलिटिक्स को जनसेवा का जरिया बनाऊंगा, व्यवसाय का नही।
अपने पावर को जनता की सेवा में लगाऊंगा ना की कार्यकर्ताओं व जनता जनार्दन को प्रताड़ित करने में या रंजिश वश उनके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज करवाकर उनको फंसाने में।

26. हर महीने जनता दरबार लगाऊंगा जिसमें जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करने का प्रयास करूंगा।
27.मुँह पर राम बग़ल में छुर्री वाली भावना नही रखूँगा यानी मुँह पर मीठा बोलो और पीठ में छुर्री घोपने की भावना कभी नही रखूँगा।

उपरोक्त शपथ लेने वाले सभी प्रबल दावेदारों की पैरवी मैं एवं मेरे सभी मित्रगण करेंगे।

👉विशेष टिप्पणी-यदि कोई व्यक्ति उपरोक्त सभी कुकर्त्य(पाप) अपने अतीत के कार्यकाल में कर चुका है तो वो क़सम खाने के बाद भी किसी भी सूरत में स्वीकार्य नही होगा।

धन्यवाद
दिलीप गुर्जर (अध्यक्ष - ब्लॉक कांग्रेस कमेटी शाहपुरा) एवं ईष्टमित्रगण
शाहपुरा-बनेड़ा विधानसभा क्षेत्र

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