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शुक्रवार, 25 मई 2018

गुर्जर नेता नेपाल सिंह कसाना ने किया इलाहाबाद के गुर्जर बाहुल्य गांवों का दौरा

इलाहाबाद में गुर्जर भूर्तियाओ के गांवो का दौरा

मेरे इलाहाबाद प्रवास के दौरान श्री कोमल सिंह गुर्जर ( स्टेशन अधीक्षक भदोही ,उत्तर प्रदेश) ने बताया कि इलाहाबाद में भी 15-16 गांव में गुर्जर रहते हैं। जो खुद को भूरतिया कहते हैं। मैं और मेरे साथी 19 मई 2018 को इलाहाबाद से  लगभग 60 किलोमीटर दूर इलाहाबाद-रीवा-मुंबई हाईवे पर नारीबारी कस्बे के समीप स्थित लेडियारी ग्राम में पहुंचे। वहां पर हम लोग एक विशाल भवन वाले इंटर कॉलेज में पहुंचे। वहां पहुंचने पर पता चला कि इस गांव में लड़कों के लिए अलग इंटर कॉलेज और लड़कियों के लिए अलग इंटर कॉलेज समाज के द्वारा बनाए गए हैं। जब हम वहां पहुंचे तो लगभग डेढ़ सौ से 200 लोग हमारे स्वागत में एकत्रित हुए थे। इन लोगों में कई गांवों के ग्राम प्रधान ब्लाक प्रमुख और अनेकों अन्य गणमान्य लोग शामिल थे।साथ ही साथ इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रबंधक और समस्त स्टाफ भी वहां पर मौजूद था। इन सभी लोगों ने फूल मालाओं से हमारा गर्मजोशी से हार्दिक स्वागत किया। सभी लोगों के साथ विस्तृत चर्चा में भुरतिया गुर्जर कैसे बने इस विषय पर गहन चर्चा हुई। मैंने उन लोगों को उन का 400 साल पुराना क्रांतिकारी इतिहास बताया तथा उनके गुर्जर होने के प्रमाण उनके सम्मुख प्रस्तुत किए।उन्होंने बताया कि आसपास के क्षेत्र में गुर्जर संख्या में तो कम है लेकिन काफी प्रभावशाली है।और यहां पर गुर्जर भूर्तिया लोग 100 से 1500 बीघा तक के बड़े किसान और जमीदार हैं। इन लोगों ने बताया कि इन दोनों कॉलेजों की स्थापना स्वतंत्रता सेनानी श्री शिव जियावन जी ने 1970 में ही कर दी थी। और इस इंटर कॉलेज में समाज के सभी लड़के लड़कियां अच्छी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। और सरकारी नौकरियों तक पहुंच रहे हैं। अगले साल 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर कॉलेज में मुख्य अतिथि के रुप में शामिल होने का निमंत्रण इन लोगों ने मुझे दिया। स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय श्री शिव जियावन जी कितने प्रभावशाली थे इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री, श्री जवाहरलाल नेहरू, श्री अटल बिहारी वाजपेई और रीता बहुगुणा जोशी जैसे बड़े-बड़े नेता उनके संपर्क में थे। और इनके गांव में आ चुके हैं। विस्तृत चर्चा के बाद इन लोगों ने कहा कि कसाना जी जैसा कि आपने हमें हमारे इतिहास के बारे में बताया आगे से हम लोग खुद को भूर्तिया न कहकर गुर्जर भूर्तियां कहना शुरू करेंगे। और अपने आप को गुर्जर समाज का ही हिस्सा मांनेगे।चर्चा के दौरान मैंने अपना दल(एस) को नीतियों के बारे में विस्तार से बताया और अपना दल से जुड़ने के लिए सभी लोगो को प्रेरित किया।

चौधरी नेपाल सिंह कसाना
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष-अखिल भारतीय गुर्जर महासभा
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष-अपना दल (एस)
प्रभारी-पश्चिमी यूपी/ राजस्थान

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