Google+ Badge

Google+ Badge

Google+ Badge

बुधवार, 2 मई 2018

गुर्जर समाज भारत की रक्षा में सदैव आगे रहा - नरेन्द्र सिंह गुर्जर

गुर्जरों का इतिहास गौरवशाली है। गुर्जर सम्पूर्ण भारतवर्ष एवं पश्चिमी भाग में सिंध के पार एवं अफगानिस्तान तक निवास करते है। देश पर ईसा पूर्व से ही उत्तर-पश्चिम  से विदेशी आक्रंताओं ने आक्रमण प्रारम्भ कर भारतवर्ष पर कब्जा करने की कोशिश की तो विदेशी आक्रंताओ का सबसे पहले गुर्जरों से ही  मुकाबला हुआ। इसा पूर्व सिकन्दर महान ने भारत पर आक्रमण किया तो गुर्जर राजा पोरूष ने सिकन्दर को मजबूती से टक्कर दी, परिणाम स्वरूप सिकन्दर को सिन्ध नदी से ही वापिस युनान लौटना पड़ा। कालान्तर में गुर्जर कृषि के धन्धे में रहे तथा इतिहास के मध्यकाल में विदेशी आक्रंताओं ने पुन: भारत पर आक्रमण  प्रारम्भ किये तो उतरी पश्चिमी भारत के गुर्जर वीरो ने विदेशी आक्रंताओ से लोहा लिया तथा उन्हें भारी नुकसान पहुंचाया। देश की आजादी एवं सुरक्षा के मामले में देश के हितों के लिए गुर्जरों ने सदैव ही अपना खून पसीना बहाया और कुर्बानिया दी है। गुर्जर एक दृढ इच्छा शक्ति वाली कौम है जो र्शोर्य और साहस से भरपूर है।
  गुर्जर न्याय, कर्मशीलता एवं सत्य का प्रतीक है तथा आत्मविश्वास से भरपूर है। पुराने समय में गुर्जर जब गांव बसाते थे तो सभी जातियों को न्योता देकर उन्हें अपने गांव में बसाते थे। गुर्जरों के साथ रहकर अन्य सभी जातियां सामन्तों एवं लुटेरों से अपने आप को सुरक्षित महसूस करती| इशा से पूर्व गुर्जर शासन व्यवस्था गणराज्य के रूप में थी। शासन तंत्र में गणराज्य की अवधारणा सर्वप्रथम गुर्जर जाति ने ही प्रारम्भ एवं स्थापित की थी। ईसा पूर्व से लेकर तेरहवी सताब्दी तक विश्व में गुर्जर सम्राज्य था, लेकिन तेरहवी सदी के बाद गुर्जर राज शक्ति के छिन्न भिन्न होने पर सामन्तों ने शासन की कल्याणकारी अवधारणा को छोड़कर पोषण, लूट-पाट, कुरता आपसी लडाईयो एवं जनता के साथ छल कपट के धन्धें में आ गये तो गुर्जर जाति ने अपने आप को शासन व्यवस्था से अलग करके कृषि एवं पशु पालन का धन्धा अपना लिया।
  देश की सुरक्षा के लिये गुर्जर हमेशा तत्पर रहते है। जब-जब देश  को पडोसी देशो ने युद्ध में उलझाया तब गुर्जरों ने देश की सेना का भरपूर साथ दिया। देश  की सीमाओं पर हुये शहीदो में गुर्जर जाति की संख्या सबसे अधिक है। गुर्जर जाति का ध्येय है सामाजिक समरस्ता, बन्धूत्व, कत्वर्यनिष्ठा, कर्मशीलता, सत्यता, सुसंभ्य नागरिक, सबका साथ, सबका विकास, एवं देश की सुरक्षा।
नरेन्द्र सिंह गुर्जर
पूर्व प्रदेश संयोजक
अखिल भारतीय युवा गुर्जर महासभा राजस्थान

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें