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गुरुवार, 9 मार्च 2017

22 मार्च (अंतरराष्ट्रीय गुर्जर दिवस) सम्पूर्ण गुर्जर समाज के शौर्य और स्वाभिमान का प्रतीक है: इसम सिंह चौहान


कहने या लिखने की आवश्यकता नहीं है कि निर्विवाद रूप से कहने या लिखने की आवश्यकता नहीं है कि निर्विवाद रूप से कसाणा गुर्जर सम्राट कनिष्क का राज्यरोहण दिवस ही सर्वमान्य अंतरराष्ट्रीय गुर्जर दिवस है। भारत सरकार ने इस दिवस को राजकीय संवत का दर्जा प्रदान किया हुआ है। आप को जान कर हर्ष होगा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा कि कि जब वे बतौर विदेश मंत्री अफगानिस्तान गये थे तो वहाँ के मुस्लिम गुर्जर समुदाय के लोगों ने बताया था कि शहंशाह कनिष्क कसाणा उन्हें और हिंदुस्तान के गुर्जर समुदाय को जोडता है। ज्ञातव्य हो कि 22 मार्च को भारत पाकिस्तान और अफगानिस्तान में अंतरराष्ट्रीय गुर्जर दिवस मनाया जा रहा है। जिस दिवस को भारत ही नहीं भारत से बाहर भी अंतर्राष्ट्रीय गुर्जर दिवस मनाया जाता है वही सही अंतरराष्ट्रीय गुर्जर दिवस है। ज्ञातव्य यह भी रहे कि भारत के राजाओं व महाराजाओं में एकमात्र कनिष्क ही इतने महान सम्राट हुए हैं जिनका साम्राज्य भारत की सीमाओं से बाहर चीन तिब्बत नेपाल व अफगानिस्तान तक फैला हुआ था। जहां तक सम्राट मिहिरभोज का प्रश्न है वे निसंदेह हमारे सम्मान के पात्र हैं। हम मिहिभोज जयंती को राष्ट्रीय गुर्जर दिवस के रूप में सौल्लास मनाएं। गुर्जर सम्राट कनिष्क का राज्यरोहण दिवस ही सर्वमान्य अंतरराष्ट्रीय गुर्जर दिवस है। भारत सरकार ने इस दिवस को राजकीय संवत का दर्जा प्रदान किया हुआ है।
निवेदक
इसम सिंह चौहान
राष्ट्रीयअध्यक्ष: गुर्जर इतिहास शोध समिति

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